
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए रेफरल प्रक्रिया में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और कैशलेस बनाना है।
गृह मंत्रालय ने 03.06.2024 को जारी पुराने दिशा-निर्देशों में आंशिक संशोधन करते हुए नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत CAPF कर्मियों और उनके परिवारों के लिए इलाज और अस्पताल सेवाओं में सुधार किया गया है।
संशोधित नियम:
1. रेफरल की वैधता : अब रेफरल 3 महीने तक मान्य होगा। इस अवधि में लाभार्थी अधिकतम 3 बार विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं।
2. रूटीन और माइनर जांच: ब्लड टेस्ट और छोटी प्रक्रियाओं के लिए रेफरल की आवश्यकता नहीं होगी, जब तक कि लागत 3000 रुपये से अधिक न हो।
3. विशेष जांच: सीटी स्कैन, एमआरआई, पीईटी स्कैन या 3000 रुपये से अधिक की जांच के लिए रेफरल आवश्यक होगा।
4. अस्पताल में भर्ती: भर्ती के लिए रेफरल / परमिशन जरूरी होगा; वैधता 3 महीने ।
5. वरिष्ठ नागरिक: 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले लाभार्थियों को रेफरल की आवश्यकता नहीं ।
6. पोस्ट-ऑप फॉलो-अप: गंभीर बीमारियों जैसे पोस्ट कार्डियक सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, न्यूरो सर्जरी, कैंसर, एंड-स्टेज रीनल / लिवर फेलियर में बार-बार रेफरल की जरूरत नहीं होगी।
गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) को निर्देश दिया है कि नए दिशा-निर्देश सभी अस्पतालों, CAPF कर्मियों और उनके परिवारों तक व्यापक रूप से पहुँचाए जाएँ।
NHA को इसे आयुष्मान CAPF पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया है।
डाउनलोड संशोधित दिशा-निर्देश